सहयोगी से मिलवाना
भारतीय बाज़ार एक बहुत विशाल और तेज़ी से बढ़ता हुआ बाज़ार है । उस समय को गुज़रे अर्सा हो चुका है जब भारत को एक पिछड़ा हुआ देश माना जाता था । वास्तव में भारत दुनिया की मुख्य उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और पिछले कुछ सालों के दौरान इसकी विकास दर लगातार 9% की रही है । 2007-2008 वित्त-वर्ष में विकास दर 9.1% की थी जिससे भारत दुनिया की 12वीं अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा ।
ख़ासकर भारत का मध्यम वर्ग तेज़ी से बढ़ रहा है । ऊँची आय वाली नौकरियों की संख्या बढ़ रही है और जैसे-जैसे विकास-दर स्फीती की दर से अधिक तेज़ी से बढ़ रही है वैसे-वैसे मध्यम वर्ग के परिवारों की आय में तीव्र वृद्धि हो रही है । अनुमान है कि अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में लगातार विकास के फलस्वरूप 2028 तक भारत दुनिया की पाँचवी सबसे बड़ी उपभोक्ता अर्थव्यवस्था बन जाएगा ।
बड़ी संख्या में युरोपीय, एशियाई व उत्तर-अमरीका की बहुराष्ट्रीय कंपनियां इन घटनाओं का फ़ायदा उठा रहीं हैं । उत्पाद बेचने व सेवायें उपलब्ध कराने के लिए वे भारत में अपनी शाखायें व कंपनियां खोल रहीं हैं । तथापि लघु व मध्यम उद्योगों ने अभी देहलीज भी पार नहीं की है । अधिकतर लघु व मध्यम उद्योगों के मालिकों व निर्णयन प्राधिकारियों का विचार है कि भारत बहुत दूर स्थित या बहुत अनोखा देश है । इस कारण वे कई लाभप्रद मौके खो देते हैं ।
ग्लोबलाईज़ मी युरोपीय लघु व मध्यम उद्योगों को भारतीय उपभोक्ता व संसाधन बाज़ार में घुसने में सहायता प्रदान करता है । हमने यह कार्य खुद किये हैं और एक सशक्त संगठन-तंत्र विकसित किया है जिससे हम लघु व मध्यम उद्योगों की हर कदम पर मदद कर सकते हैं ।
हमारा पहला लक्ष्य यह पता लगाना है कि भारतीय बाज़ार में आपको किन साझेदारों के साथ मिल कर काम करना चाहिए । चाहे आप खुदरा व्यापार के क्षेत्र में हों, उत्पादन या फिर सेवा उद्योगों के क्षेत्र में हों, ग्लोबलाईज़ मी उन भारतीय विक्रेताओं, संगठन-तंत्रों और संसाधनों के संपर्क में आने में मदद करता है जिनकी मदद से आप अपना व्यापार विशेष में स्थापित कर सकते हैं । जैसे-जैसे जानकारी प्राप्त होती है और आप संभावनाओं और असंभव कार्यों के बारे में आपको एक स्पष्ट छवि दिखने लगती है, तो आपको यह निश्चित करने में आसानी होगी कि क्या अपना व्यापार शुरू करने के लिए आपको भारत में एक भौतिक उपस्थिति की ज़रूरत है या फिर आप दूर से ही अपने साझेदारों पर निर्भर हो सकते हैं ।
अगर आप तय करते हैं कि आप भारत में अपनी कंपनी स्थापित करना चाहते हैं तो हम इस कार्य के प्रत्येक पहलू के बारे में पुनः परामर्श देंगे । अगर शुरू से ठीक से किया जाए तो भारत में एक छोटी व्यापारिक इकाई स्थापित करना महंगा या जटिल नहीं है । और यह करने में हम आपकी मदद करेंगे ।
